डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: ट्रेनों में बिना टिकट या गलत टिकट लेकर सफर करने वाले यात्री भले ही खुद को शातिर समझते हों, लेकिन चक्रधरपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग ने उनकी जेबें ढीली कर रेलवे का खजाना भर दिया है। रेलवे की सुधरती वित्तीय सेहत में इन बेटिकट यात्रियों का अनजाने में ही सही, लेकिन बहुत बड़ा योगदान रहा है। अकेले मई महीने में ही रेलवे ने इनसे करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूला है।
मई महीने में पकड़ाए 24 हजार से ज्यादा मुसाफिर
चक्रधरपुर रेल मंडल के वाणिज्य विभाग द्वारा चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के कारण इस बार बेटिकट यात्रियों पर शिकंजा पूरी तरह कस गया। आंकड़ों पर नजर डालें तो अकेले मई महीने में कुल 24,806 यात्री बिना टिकट, गलत टिकट या बिना बुक किए गए सामान के साथ यात्रा करते हुए पकड़े गए। इन यात्रियों से रेलवे ने रिकॉर्ड 2.21 करोड़ रुपये का राजस्व जुर्माने के रूप में वसूला।
पिछले साल का भी टूटा रिकॉर्ड, वसूली में 63.41% का बंपर उछाल
अगर इस साल की वसूली की तुलना पिछले साल के मई महीने से करें, तो रेलवे के मुनाफे में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले साल के मई महीने में भी बड़े पैमाने पर टिकट चेकिंग अभियान चला था, तब 20,288 यात्रियों से जुर्माने के तौर पर 1.35 करोड़ रुपये वसूले गए थे। लेकिन इस बार मुस्तैदी का आलम यह रहा कि पिछले साल के मुकाबले रेलवे को 63.41 फीसदी अधिक का राजस्व लाभ हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि मंडल से गुजरने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों और स्टेशनों पर टिकट चेकिंग का एक सघन और विशेष अभियान चलाया गया था। इसी कड़ाई का नतीजा है कि राजस्व वसूली में इतना बड़ा सुधार देखने को मिला है।
चेतावनी: सिर्फ जुर्माना नहीं, हो सकती है जेल
सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने आम जनता और यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की असुविधा और बेइज्जती से बचने के लिए हमेशा वैध टिकट लेकर ही ट्रेनों में सफर करें। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बिना टिकट सफर करना या किसी दूसरे यात्री के नाम के टिकट पर यात्रा करना एक दंडनीय अपराध है। अगर आप पकड़े जाते हैं, तो न केवल आपको भारी-भरकम जुर्माना देना होगा, बल्कि रेलवे एक्ट के तहत जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

