बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पटना के 150 सरकारी स्कूलों में आज से स्मार्ट क्लास की शुरुआत हुई है। पटना के राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय शास्त्री नगर के स्कूल से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसकी शुरुआत की।
सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का अंतर होगा कम
सरकार की इस पहल के साथ पहली बार सरकारी स्कूलों के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित पढ़ाई, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की लाइव क्लास और प्रतियोगी परीक्षाओं की डिजिटल तैयारी जैसी सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी। सरकार का दावा है कि यह पहल सरकारी और निजी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता के अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
9वीं से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगा लाभ
बिहार स्कूल लाइव क्लासेज योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए लाइव और इंटरएक्टिव ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाएंगी। इन कक्षाओं में छात्र विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई करेंगे और अपनी शंकाओं का समाधान भी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले छात्रों को भी वही गुणवत्ता वाली शिक्षा मिलेगी जो बड़े शहरों में उपलब्ध होती है।
JEE-NEET की तैयारी बिल्कुल मुफ्त
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को अब JEE, NEET और CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी मुफ्त में कराई जाएगी। इसके लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से ऑनलाइन कोचिंग क्लासेज शुरू की गई हैं।
जुलाई के अंत तक राजधानी के सभी स्कूलों तक पहुंचेगी सुविधा
शिक्षा विभाग के अनुसार पहले चरण में पटना जिले के 150 सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों को इस परियोजना से जोड़ा गया है। विभाग का लक्ष्य जुलाई के अंत तक राजधानी के सभी 422 सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लाइव क्लासेज शुरू करने का है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इस मॉडल को राज्य के अन्य जिलों के सरकारी स्कूलों तक भी विस्तारित किया जाएगा।

