मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रहीं हैं। गोपालगंज में हथियार लहराने और अश्लील नृत्य के कथित वायरल वीडियो मामले में शुक्रवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी।
एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई
गोपालगंज जिले के व्यवहार न्यायालय में आज अनंत सिंह मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई। जिला जज राजेंद्र पांडेय की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इस दौरान विधायक के अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने बचाव पक्ष की ओर से कई कानूनी दलीलें पेश कीं।
बचान पक्ष ने बताया राजनीतिक षड्यंत्र
विधायक के अधिवक्ता राजेश कुमार पाठक ने दलील दी कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे देखने से साफ पता चलता है कि इसमें विधायक अनंत सिंह का कोई दोष नहीं है। वकील ने कोर्ट से कहा कि यह पूरा मामला एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दर्ज कराया गया है।वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। जिस अश्लील गीत और वीडियो को आधार बनाया जा रहा है, वहां घटना के समय अनंत सिंह मौजूद ही नहीं थे।
गिरफ्तारी पर रोक से कोर्ट का इनकार
बचाव पक्ष की दलीलों के बावजूद अदालत ने फिलहाल गिरफ्तारी पर स्टे देने से इनकार कर दिया। दोनों पक्षों की लंबी बहस और दलीलों को सुनने के बाद, विशेष अदालत ने फिलहाल अनंत सिंह और गुंजन सिंह को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में पुलिस केस डायरी आने का इंतजार करना होगा
20 मई को अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद सुनवाई को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख तय की है। इसे अनंत सिंह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब भी गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है और कानूनी संकट बरकरार है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव से शुरू हुआ। 2 मई को अनंत सिंह वहां एक जनेऊ समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान कथित रूप से हथियारों का प्रदर्शन और अश्लील नृत्य हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले का संज्ञान लेते हुए गोपालगंज एसपी विनय तिवारी ने वायरल वीडियो के सत्यापन के बाद सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके पश्चात मीरगंज थाना में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली गई। पुलिस ने इस मामले में अनंत सिंह समेत कुल 9 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, जबकि वीडियो में दिख रहे अन्य अज्ञात लोगों की पहचान की जा रही है। अदालत के मौजूदा रुख के बाद यह तय है कि विधायक पर कानूनी शिकंजा और कसेगा।

