सम्राट चौधरी के कार्यभार संभालते ही बिहार का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से सक्रिय हो गया। नई सरकार बनते ही पुलिस-प्रसासन का एक्शन देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को सुबह-सुबह राज्य के कई जिलों के जेल में छापेमारी की गई। राज्य के आधा दर्जन से अधिक जिलों की जेलों में एक साथ ऑपरेशन क्लीन चलाया गया।
जिलाधिकारी के अगुवाई में जेलों में छापा
शुक्रवार अहले सुबह जिलाधिकारी के अगुवाई में बिहार पुलिस की टीम कई जिलों के जेल में छापेमारी करने पहुंचीं। गया, सीतामढ़ी, नालंदा, समस्तीपुर, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण समेत कई जेलो में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस टीम जेल के अंदर गई। हर एक-एक वार्ड की बारीकी से तलाशी ली गई। पुलिस ने टीम ने वार्ड से लेकर शौचालय तक की तलाशी ली।
सबसे पहले गया के जेलों में तलाशी
हर जेल में दो से तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाई गई। सबसे पहले गया के जेलों में छापेमारी हुई। यहां रात के करीब दो बजे ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम पहुंची। सेंट्रल जेल और शेरघाटी उपकारा में संयुक्त छापामारी हुई। अधिकारियों का कहना है कि यह सामान्य तलाशी अभियान था।
मुजफ्फरपुर में 200 जवानों के साथ चार घंटे सर्च ऑपरेशन
मुजफ्फरपुर में सुबह-सुबह शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बड़ी छापेमारी की गई। यह कार्रवाई जिला अधिकारी सुब्रत सेन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हुई। इस दौरान ट्रेनी आईपीएस अधिकारियों और कई डीएसपी के साथ 200 से ज्यादा पुलिस जवान मौके पर मौजूद रहे। अचानक हुई इस रेड से जेल के अंदर कैदियों में हड़कंप मच गया। हालांकि शुरुआती जांच में किसी भी तरह का आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।
गोपालगंज में छापेमारी
इसी तरह गोपालगंज के चनावे मंडल कारा में भी जिला प्रशासन ने छापेमारी की। सदर अनुमंडल पदाधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में जेल के सभी वार्डों की गहन तलाशी ली गई। पुलिस अधिकारियों ने बैरकों, कैदियों के सामान और अन्य जगहों की बारीकी से जांच की। प्रशासन के मुताबिक यह एक नियमित सुरक्षा जांच थी और इस दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। हालांकि अचानक हुई कार्रवाई से कुछ देर के लिए जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सीवान और छपरा में सघन जांच
छपरा में डीएम और एसपी ने कई घंटों तक जेल के भीतर समय बिताया और कैदियों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी। सीवान में छापेमारी के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी कैदी मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग न कर सके। छपरा में भी देर रात औचक निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
सीतामढ़ी में मिले संदिग्ध दस्तावेज
सीतामढ़ी मंडल कारा में हुई छापेमारी सबसे अधिक चर्चा में रही। यहां डीएम रिची पांडेय और एसपी अमित रंजन ने मोर्चा संभाला। तलाशी के दौरान जेल के विभिन्न वार्डों से कुछ संदिग्ध कागजात बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जेल में बंद कुख्यात अपराधियों को चिह्नित कर उन्हें जल्द ही उच्च सुरक्षा वाली केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया जाएगा ताकि उनका नेटवर्क ध्वस्त किया जा सके।
औरंगाबाद में बरामद हुए औजार
औरंगाबाद मंडल कारा की छापेमारी में पिलास, पेचकस और लोहे के टुकड़े जैसे सामान बरामद हुए। यह सामग्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है, प्रशासन ने तुरंत इन्हें जब्त कर जांच के आदेश दिए और कारा प्रशासन को सख्त चेतावनी दी।
भागलपुर में भी छापेमारी
भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा सह महिला मंडल कारा में भी आज सुबह छापेमारी की गई। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में कई अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने जेल परिसर के भीतर मौजूद हर एक कोठरी और बैरक की गहन तलाशी ली। इस छापेमारी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।

