CID करेगी 16 एकड़ जमीन कब्जा मामले की जांच, जेडीयू विधायक पप्पू पांडेय की बढ़ीं मुश्किलें

Neelam
By Neelam
3 Min Read

गोपालगंज के कुचायकोट से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) विधायक अमरेंद्र उर्फ पप्पू पांडेय और उनके कुख्यात कुनबे की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में दर्ज एक हाई-प्रोफाइल और गंभीर आपराधिक मामले की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई है। बिहार सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे आगे की जांच के लिए सीआईडी के हवाले करने का फैसला लिया है।

सरकार ने सीआईडी को सौंपीं जांच

कुचायकोट के बेलवा में 16 एकड़ जमीन को कब्जे करने, धमकी देने के मामले को लेकर डीआईजी के अनुशंसा पर सरकार ने सीआईडी को सौंप दिया। इसको लेकर नोटिस भी जारी किया गया है। इस लेटर में कहा गया है कि कुचायकोट थाना कांड संख्या 208/25 और 161/26 इस केस को अब सीआईडी को सौंपा जा रहा है। यानी अब इस मामले की जांच सीआईडी करेगी।

बंदूक की नोंक पर 16 एकड़ जमीन को कब्जाने की कोशिश

यह पूरा मामला कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के बेलवा गांव का है। आरोप है कि विधायक पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय समेत सात नामजद आरोपियों ने बंदूक की नोंक पर करीब 16 एकड़ जमीन को अवैध कब्जा करने की नाकाम कोशिश की। जब पीड़ितों ने इस कब्जे का विरोध किया, तो उन्हें सरेआम मौत के घाट उतारने का फरमान सुना दिया गया।

1 अप्रैल को दर्ज कराई गया था मामला

यह पूरा मामला इसी वर्ष 1 अप्रैल को दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ताजितेंद्र कुमार राय ने पुलिस को दिए गए आवेदन में आरोप लगाया था कि कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में स्थित 16 एकड़ 93 डिसमिल की कीमती जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। शिकायत के अनुसार, जब वह अपनी जमीन की देखरेख के लिए पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया। आरोप है कि विरोध करने पर आरोपियों ने वहां बने कमरे का ताला तोड़कर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया और भय पैदा करने के उद्देश्य से फायरिंग भी की।

पूरे मामले में 7 लोग नामजद

इस पूरे मामले में जदयू विधायक पप्पू पाण्डेय, उनके भाई सतीश पाण्डेय, सीए राहुल तिवारी सहित 7 लोग नामजद है। एफआईआर के बाद गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने सख्त कार्रवाई करते हुए कुख्यात भू-माफिया भोला पाण्डेय सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में एसपी ने विधायक का नाम लिए बिना ही उन्हें भू-माफियाओं को संरक्षण देने, लोगों की जमीन जबरन कम दाम पर खरीद कर अपने लोगों के नाम से रजिस्ट्री करवाने और दूसरों की मदद करने का आरोप लगाया था।

Share This Article