डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : सोशल मीडिया की ताकत और एक मजबूर कर्मचारी की रोती हुई आवाज आखिरकार सरकार के कानों तक पहुंच ही गई। जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में पिछले चार महीनों से वेतन के लिए तरस रहे होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने इन कर्मचारियों के बकाया वेतन के भुगतान के लिए 3 करोड़ 61 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। सोमवार आज से ही कर्मचारियों के खातों में यह राशि ट्रांसफर होनी शुरू हो जाएगी और अगले एक-दो दिनों में सभी के बैंक खातों में पैसा पहुंच जाएगा।
एक वीडियो ने हिला दिया था सिस्टम
इस पूरे मामले में मोड़ तब आया जब शनिवार को सोशल मीडिया पर एक महिला होमगार्ड जवान का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में वह महिला रोते हुए अपनी आपबीती सुना रही थी कि कैसे चार महीने से वेतन न मिलने के कारण वह गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रही है। तंगी और मानसिक तनाव के कारण इस महिला जवान ने फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी, जिसके बाद उसे एमजीएम अस्पताल में ही भर्ती कराया गया था।
विधायक सरयू राय की पहल और सरकार का एक्शन
महिला जवान का वीडियो सामने आने के बाद जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय तुरंत हरकत में आए। वे अस्पताल जाकर पीड़ित महिला से मिले और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक व स्वास्थ्य विभाग के सीनियर अधिकारियों से बात की।
इसके बाद विधायक सरयू राय ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से विस्तार से चर्चा कर एमजीएम के होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के बकाया वेतन को तुरंत रिलीज करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस पर तुरंत एक्शन का भरोसा दिया और शनिवार को ही राशि जारी कर दी गई। मांग पूरी होने पर विधायक सरयू राय ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया है।
मेडिकल कॉलेजों के लिए भी 65 करोड़ रुपये जारी
इस संकट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए कुल 65 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। यह राशि इसलिए जारी की गई है ताकि किसी भी मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से काम कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों का बकाया तुरंत चुकाया जा सके और भविष्य में ऐसी कोई स्थिति दोबारा न बने।

