बिहार में मुख्यमंत्री आवास का नम बदल गया है। राज्य सरकार ने 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर ‘लोक सेवक आवास’ कर दिया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। इससे पहले इस आवास में पूर्व सीएम नीतीश कुमार रहते थे, लेकिन अब इसमें सम्राट चौधरी रहेंगे। यहां शिफ्ट होने से पहले सम्राट चौधरी ने बड़ा फैसला लिया है।
‘एक अणे मार्ग’ अब कहलाएगा ‘लोक सेवक आवास’
नीतीश कुमार के नये आवास में शिफ्ट होने के बाद एक अणे मार्ग आवास का नाम बदल दिया गया। बताया जा रहा है कि सीएम सम्राट चौधरी का मानना हैं कि जो भी व्यक्ति सीएम के पद पर आता है, वह जनता का सेवक होता है। इसी सोच को सम्राट चौधरी ने बढ़ावा दिया है। एक अणे मार्ग को लोक सेवक आवास में बदल दिया गया।
मुख्यमंत्री आवास का दायरा भी बढ़ा
मुख्यमंत्री आवास का केवल नाम ही नहीं बदला है, इसका दायरा भी बढ़ गया है। सरकार ने मुख्यमंत्री आवास के दायरे को बढ़ाने का भी फैसला लिया है। 5 देशरत्न मार्ग स्थित आवास को अब 1 अणे मार्ग के मुख्यमंत्री आवास का हिस्सा घोषित किया गया है। यह कदम अस्थायी व्यवस्था के तौर पर उठाया गया है ताकि प्रशासनिक कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
1 अणे मार्ग में रहे नीतीश कुमार
पिछले 20 सालों से नीतीश कुमार 1 अण्णे मार्ग में मुख्यमंत्री के रूप में रहे। नीतीश अब पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से 7 सर्कुरल रोड़ स्थित बंगले में शिफ्ट हो गये है और 1 अण्णे मार्ग मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी को अलॉट कर दिया गया है।
राजभवन का नाम भी बदला जा चुका है
बिहार में यह पहला मौका नहीं है जब किसी प्रमुख सरकारी भवन का नाम बदला गया हो। इससे पहले राजभवन का नाम बदलकर ‘बिहार लोक भवन’ किया गया था। यह अधिसूचना 1 दिसंबर 2025 को जारी की गई थी। इसके बाद से सभी आधिकारिक कार्यों में इसी नाम का इस्तेमाल हो रहा है। अब उसी क्रम में मुख्यमंत्री आवास का नाम भी बदला गया है।

