पूर्णियां कोर्ट-हटिया कोसी सुपर एक्सप्रेस में एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक छोटी बच्ची अपने माता-पिता से बिछड़कर अकेले ट्रेन में रह गई। लेकिन रेलवे कर्मियों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता ने मासूम को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचा दिया।
घटना 20 मई की है, जब ट्रेन संख्या 18625 पूर्णियां कोर्ट-हटिया कोसी सुपर एक्सप्रेस में ड्यूटी के दौरान टिकट जांच कर रहे टीटीई नवदीप कुमार और चन्दन कुमार को डी-2 कोच में एक बच्ची अकेली मिली। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम नैंसी कुमारी बताया और कहा कि उसके माता-पिता हजारीबाग रोड स्टेशन पर उतर गए, जबकि वह अनजाने में ट्रेन में ही रह गई।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए टिकट जांच स्टाफ ने तुरंत बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया और उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश शुरू कर दी। काफी प्रयास के बाद पारसनाथ स्टेशन पर बच्ची के माता-पिता से संपर्क स्थापित हुआ और पूरी जानकारी की पुष्टि की गई।
इसके बाद बच्ची को सुरक्षा और आवश्यक देखरेख के साथ पारसनाथ स्टेशन के स्टेशन मास्टर को सौंप दिया गया, ताकि उसे सुरक्षित रूप से उसके माता-पिता के हवाले किया जा सके।
रेलवे कर्मियों की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की इस पहल की हर ओर सराहना हो रही है। रेल प्रशासन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और मानवीय सहायता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

