भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए नितिन नवीन ने गुरुवार को उच्च सदन की सदयस्ता की शपथ ली। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। नितिन नवीन ने हिंदी में शपथ ली। सदन में मौजूद सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया।
लोकतंत्र के मंदिर की सीढ़ियों पर माथा टेका
संसद भवन पहुंचने पर नितिन नवीन ने सबसे पहले लोकतंत्र के मंदिर की सीढ़ियों पर माथा टेक कर प्रणाम किया। राज्यसभा में सदन की कार्रवाई प्रारंभ होने के कुछ देर बाद ही राज्यसभा में नए सदस्यों को शपथ दिलाई गई। शपथ लेने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी, असम से प्रमोद बोरो व बिहार से उपेंद्र कुशवाहा शामिल रहे।
बिहार की आवाज को मजबूती से उठाने का भरोसा
राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि वह सदन में बिहार की आवाज को मजबूती से उठाएंगे और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे।
जमीनी स्तर से उठकर पहुंचे शीर्ष नेतृत्व तक
नितिन नवीन बिहार की राजनीति में एक सशक्त और सक्रिय चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले नितिन नवीन ने धीरे-धीरे संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर अपनी पहचान बनाई। उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वे भारतीय जनता पार्टी के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने जमीनी स्तर से उठकर शीर्ष नेतृत्व तक का सफर तय किया।

