डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: किताबी ज्ञान से परे जब छात्र खुद लोकतंत्र के चार चरणों से गुजरकर अपना नेता चुनते हैं, तो वह सिर्फ एक स्कूल काउंसिल नहीं, बल्कि देश के जिम्मेदार नागरिकों की बुनियाद होती है। कुछ ऐसा ही नजारा जमशेदपुर के वैली व्यू स्कूल में देखने को मिला, जहां नवनिर्वाचित स्टूडेंट काउंसिल का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस बार स्कूल का यह चुनाव सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि पूरी तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों की कसौटी पर खरा उतरा।
चार चरणों में पूरी हुई ‘चुनावी जंग’
कार्यक्रम का संचालन कर रहे वाइस प्रिंसिपल डॉ. जे.के. पाण्डेय ने बताया कि स्कूल के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब द्वारा यह चुनाव बेहद पारदर्शी और प्रजातांत्रिक तरीके से कराया गया। इसमें आम चुनावों की तरह ही शिक्षकों और छात्रों दोनों ने अपने मत का प्रयोग किया। चुनाव को मुख्य रूप से चार कड़े चरणों में बांटा गया था।
नॉमिनेशन (नामांकन): योग्य उम्मीदवारों ने पर्चा भरा।
कैंपेन (चुनाव प्रचार): छात्र नेताओं ने अपने एजेंडे सामने रखे।
मतदान (वोटिंग): गुप्त मतदान के जरिए वोट डाले गए।
मतगणना (काउंटिंग): निष्पक्ष तरीके से वोटों की गिनती कर परिणाम घोषित हुए।
क्यों जरूरी हैं ऐसे चुनाव?
डॉ. पाण्डेय के मुताबिक इस पूरी चुनावी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सिर्फ लीडर चुनना नहीं, बल्कि उनके भीतर प्रजातांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ अनुशासन और स्वस्थ कॉम्पटिशन की भावना को जागृत करना है।
जिम्मेदारी और वादों की शपथ
समारोह की शुरुआत प्रिंसिपल मिक्की सिंह ने पारंपरिक दीप जलाकर की। इसके बाद उन्होंने सभी नवनिर्वाचित काउंसिल सदस्यों को उनके पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। छात्रों को प्रेरित करते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि पद सिर्फ एक अधिकार नहीं, बल्कि सेवा का जरिया है। उन्होंने काउंसिलर्स को अपनी पूरी क्षमता से स्कूल और छात्र समुदाय की भलाई के लिए काम करने की सलाह दी।
वही दूसरी ओर छात्रों के प्रतिनिधि और नए स्टूडेंट प्रेसिडेंट आदित्य कुमार ने पूरे जोश के साथ अपनी जिम्मेदारी संभाली। आदित्य ने वादा किया कि वे एक सच्चे लीडर के तौर पर स्कूल की बेहतरीन प्रतिष्ठा और गौरव को हमेशा बनाए रखेंगे और छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। इस गरिमामयी समारोह ने यह साबित कर दिया कि वैली व्यू स्कूल किताबी पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक जीवन और देश के प्रति नागरिक कर्तव्यों को सिखाने में भी सबसे आगे है।

