बिहार में कैबिनेट विस्तर के 24 घंटे के बाद राजधानी पटना में बड़ा बवाल देखा गया। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। राजधानी के जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने बल प्रयोग कर हटाया। इस दौरान कई छात्रों को चोटें आई हैं।
अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तनाव
TRE 4 का विज्ञापन जारी करने और बीपीएससी नियमावली में बदलाव की मांग को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। पटना कॉलेज से निकाला गया विरोध मार्च जब जेपी गोलंबर पहुंचा, तो वहां बड़ी संख्या में जुटे हजारों अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। इस दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच पहले नोकझोंक हुई, लेकिन विवाद बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
कई अभ्यर्थियों के गंभीर रूप से घायल
लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थियों के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। पुलिस ने इस मामले में छात्र नेता दिलीप कुमार समेत करीब दो दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि टीआरई-4 के लिए आयोग लगातार झूठ बोल रहा है। 13 लाख से अधिक छात्रों को गुमराह किया जा रहा है। बार-बार विज्ञापन जारी करने के लिए नई तिथि बताई जा रही है।
टीआरई-4 के विज्ञापन में देरी से छात्र नाराज
अभ्यर्थियों का कहना है कि बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक ने 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट के माध्यम से तीन-चार दिनों के भीतर विज्ञापन जारी करने का दावा किया था। आज 8 मई बीत जाने के बाद भी पोर्टल पर कोई अपडेट नहीं है। लगभग 46,595 पदों पर होने वाली इस बहाली को लेकर छात्रों ने सरकार पर ‘धोखेबाजी’ का आरोप लगाया है।
नवनियुक्त शिक्षा मंत्री के सामने बड़ी चुनौती
बिहार के नवनियुक्त शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अभी गुरुवार को ही शपथ ली है और पदभार ग्रहण करते ही उनके सामने अभ्यर्थियों का यह बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नए मंत्री से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से जल्द शुरू करवाएं।

