डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: शहर में अपराध पर लगाम कसने और पुलिस की मुस्तैदी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा हाईटेक कदम उठाया है। अक्सर शिकायतें आती थीं कि पुलिस गश्ती दल सिर्फ कागजों या रजिस्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर खानापूरी कर लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। अब पुलिसकर्मियों को मौके पर पहुंचकर क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी हाजिरी लगानी होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के संयुक्त निर्देशों के बाद इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
कैसे काम करेगी यह नई हाईटेक प्रणाली?
स्मार्टफोन से स्कैनिंग: थाना की नियमित गश्ती गाड़ियों, वैन और टाइगर मोबाइल के जवानों को अपने निर्धारित रूट पर लगे QR कोड को स्मार्टफोन से स्कैन करना अनिवार्य होगा।
सटीक लोकेशन और टाइम स्टैम्प: QR कोड स्कैन करते ही जवान की सटीक लोकेशन और समय सीधे पुलिस कंट्रोल रूम के सर्वर पर अपलोड हो जाएगा।
24 घंटे रियल-टाइम मॉनिटरिंग: जिला पुलिस मुख्यालय का कंट्रोल रूम 24 घंटे इस प्रक्रिया की निगरानी करेगा। अधिकारियों की स्क्रीन पर पल-पल की जानकारी होगी कि कौन सा गश्ती दल किस समय किस पॉइंट पर तैनात था।
जवाबदेही तय होगी: अगर कोई गश्ती दल तय सीमा में अपने रूट का QR कोड स्कैन नहीं करता है, तो कंट्रोल रूम से तुरंत उसका कारण पूछा जाएगा और लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले चरण में किन जगहों पर लगेंगे QR कोड?
शहर के अतिसंवेदनशील और प्रमुख स्थानों को चिन्हित कर वहां QR कोड लगाए जा रहे हैं।
वित्तीय संस्थान: शहर के सभी बैंक और एटीएम बूथ।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान: मुख्य बाजारों की आभूषण और बड़ी दुकानें।
संवेदनशील व सुनसान स्थान: वे सार्वजनिक स्थल, सुनसान इलाके और संवेदनशील पॉइंट जहां असामाजिक तत्वों या मनचलों की मौजूदगी की शिकायतें ज्यादा मिलती हैं।
पुरानी व्यवस्था भी रहेगी जारी
डिजिटल एंट्री के साथ-साथ बैकअप और स्थानीय रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए पारंपरिक रजिस्टर व्यवस्था भी लागू रहेगी। जवानों को रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के साथ-साथ समय दर्ज करना होगा।

