पटना में TRE-4 वैकेंसी की मांग को लेकर शुक्रवार को शिक्षक अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। आंदोलन करने वाले अभ्यर्थियों पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पटना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पटना के गांधी मैदान थाना में छात्र नेता दिलीप कुमार समेत 4 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में करीब 5 हजार अज्ञात पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया
गांधी मैदान थानेदार अखिलेश मिश्रा ने बताया, प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार, शाहबाज और बाकी दो अभ्यर्थी को गांधी मैदान थाना में रात भर रखा गया। उनके साथ मारपीट की गई। अब गर्दनीबाग हॉस्पिटल ले गए हैं। इसके बाद जेल भेजने की तैयारी चल रही है।
5000 लोगों पर एफआआर
5000 लोगों के ऊपर एफआआर दर्ज की गई है। गांधी मैदान थाने में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर अभ्यर्थियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अभ्यर्थियों पर ट्रैफिक बाधित करने, विधि-व्यवस्था भंग करने और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया है।
राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बिहार सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि ‘पटना में रोजगार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को बेरहमी से पीटा गया। राहुल गांधी ने कहा कि बेरोजगार युवाओं को बीजेपी का जवाब सिर्फ लाठी है। भारत में आज सबसे बड़ी बीमारी बेरोजगारी है और इसकी सबसे भयंकर मार बिहार और उत्तर प्रदेश के युवाओं पर पड़ रही है। लाखों युवा डिग्री और काबिलीयत हाथ में लेकर दर-दर भटक रहे हैं। मगर BJP की सरकार को न इनकी परवाह है, न आपकी। जब युवा सड़कों पर उतरकर अपना हक़ मांगते हैं, उनके हाथ में रोज़गार नहीं- पीठ पर लाठियां रख दी जाती हैं। भारत का युवा BJP के झूठ से तंग आ चुका है – वो अब चुप नहीं बैठेगा। और, कांग्रेस उनके साथ हर मोड़ पर खड़ी है’।
जानें क्या है मामला?
दरअसल, पटना में TRE 4 के विज्ञापन जारी करने और बीपीएससी नियमावली में बदलाव की मांग को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया। पटना कॉलेज से निकाला गया विरोध मार्च जब जेपी गोलंबर पहुंचा, तो वहां बड़ी संख्या में जुटे हजारों अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए। छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन में अभ्यर्थी लगातार परीक्षा प्रक्रिया में देरी का विरोध कर रहे थे और जल्द विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे थे।
शिक्षक अभ्यर्थियों का क्या है आरोप?
शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि TRE 4 के लाखों अभ्यर्थी पिछले दो वर्षों से वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं। पिछले एक वर्ष से शिक्षा मंत्री द्वारा लगातार यह कहा जा रहा है कि 10-15 दिनों में वैकेंसी आ जाएगी, जबकि चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान भी TRE 4 का विज्ञापन जल्द जारी करने का आश्वासन दिया गया था। बीपीएससी अधियाचना मिलने के बावजूद विज्ञापन जारी नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग और बीपीएससी द्वारा लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है।

